दिल्ली: दिल्ली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के आरोप में गिरफ़्तार किये गए मोहम्मद रफ़ीक, अहमद फ़ाज़ली और तारिक़ अहमद डार को अदालत ने बरी कर दिया. अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि रफ़ीक और फ़ाज़ली के ख़िलाफ़ कोई भी सुबूत दिल्ली पुलिस पेश नहीं कर सकी. कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने आरोप साबित करने के लिए परिस्थिजन्य सुबूत भी नहीं पेश किये.
अदालत ने माना कि रफ़ीक और फ़ाज़ली पूरी तरह से बेगुनाह हैं. हालाँकि कोर्ट ने तारिक़ अहमद “डार” को एक दूसरे मामले में दोषी पाया लेकिन दिल्ली में 2005 की दिवाली से पहले हुए इन धमाकों में उसका हाथ नहीं पाया गया.
कोर्ट ने माना कि उसका सम्बन्ध प्रतिबंधित आतंकी संघठन लश्कर ए तैयबा से रहा है लेकिन इसके लिए वह पहले ही दस साल से अधिक की सज़ा काट चुका है. इसलिए अदालत ने उसे भी रिहा करने का आदेश जारी किया.
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