भारत एवं विश्व इतिहास में 17 फरवरी की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार है:
1370- रुडाउ की लड़ाई में जर्मनी ने लिथुआनिया को हराया ।
1670- छत्रपति शिवाजी ने सिंह गढ़ का किला जीता।
1698- औरंगजेब ने आठ साल की घेराबंदी के बाद जिंजी के किले पर कब्जा किया।
1878- सैन फ्रांसिस्को शहर में पहली बार टेलीफोन एक्सचेंज खोला गया।
1882- सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर पहला टेस्ट मैच खेला गया।
1883- महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता वासुदेव बलवंत फडके का अदन की जेल में निधन हो गया।
1915- गांधी जी पहली बार कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) स्थित शांति निकेतन गये।
1933-अमेरिका की साप्ताहिक पत्रिका ‘न्यूजवीक’ प्रकाशित हुयी।
1944-द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एनीवेटोक का युद्ध शुरू हुआ जिसमें अमेरिकी सैनिकाें ने जीत हासिल की।
1947- सोवियत संघ में ‘वायस आॅफ अमेरिका’ का प्रसारण शुरू किया गया।
1962- जर्मनी के हैम्बर्ग में तूफान से 265 लोगों की मौत।
1964- अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने नागरिक अधिकारों पर बने कानून को स्वीकार किया।
1976- मकाऊ ने संविधान को अंगीकार किया।
1983- नीदरलैंड ने संविधान को अंगीकार किया।
1994- गुजरात के मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल का 65 वर्ष की आयु में निधन ।
2007- अमेरिका की तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इराक से सैनिकों को वापस बुलाये जाने की घोषणा की।
2008- कोसोवो ने सर्बिया से स्वतंत्र होने की घोषणा की।
2014- सऊदी अरब की सोमाया जिबार्ती देश की पहली महिला मुख्य संपादक बनीं।
उन्हें ‘सऊदी गजट’अखबार का मुख्य संपादक बनाया गया।
2016- तुर्की की राजधानी अंकारा में कुर्द आतंकवादियों के कार बम धमाके में 28 लोगों की मौत राहुल, यामिनी वार्ता————————————
17 फ़रवरी सन 1809 ईसवी को फ़्रांस और स्पेन के बीच होने वाला सारगूसा युद्ध फ़्रांस की विजय और पूर्वी स्पेन के सारागूसा नगर पर उसके अधिकार के साथ समाप्त हो गया।यह युद्ध 15 नवम्बर सन 1808 ईसवी को नेपोलियन के आक्रमण से आरंभ हुआ था। नेपोलियन की सेना को स्पेन की जनता और वहां की सेना के कड़े प्रतिरोध का सामना हुआ। इस युद्ध में दोनों पक्षों ने बड़ी निर्दयता और निर्ममता का प्रदर्शन किया। इसी लिए इस युद्ध में मरने वालों की संख्या बहुत अधिक हो गयी। हालॉकि स्पेन पर फ़्रांस का अधिकार हो गया किंतु सन 1812 ईसवी में जब नेपोलियन को रुस के मुकाबले में पीछे हटना पड़ा और योरोप की संयुक्त सरकारों से भी उसे पराजय का मुंह देखना पड़ा तो स्पेन भी स्वतंत्र हो गया।
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17 फ़रवरी सन 1827 ईसवी को जॉन हेनरी पेस्टलोज़ी नामक स्वीज़रलैंड के बुद्धिजीवी का निधन हुआ। उन्हें गणित भौतिक विज्ञान आदि जैसे विषयों की व्यापक जानकारी थी साथ ही वे कई भाषाओं से भी भलि भॉति परिचित थे। वे बहुत अच्छे शिक्षक थे एक ही समय में वे बच्चों को कई विषय पढ़ाते थे। वे कोई भी विषय आरंभ करने से पहले शिक्षार्थियों को उसके लाभ के बारे में बताते थे।————————-
17 फ़रवरी सन 1989 ईसवी को मोरक्को में पश्चिमी अरब संघ की स्थापना के समझौते पर सहमति हुई। इस अवसर पर उत्तरी अफ़्रीक़ा के देशों के राष्ट्रध्यक्ष उपस्थित थे।
इस समझौते में शामिल देशों में लीबिया, अलजीरिया, टयूनीशिया, मोरीतानिया और मोरक्को थे। इस संघ की स्थापना का उददेश्य सदस्य देशों की पश्चिमी देशों पर निर्भरता को कम करने के लिए आपसी सहकारिता को विस्तृत करना था। किंतु अलजीरिया और मोरक्को जैसे कुछ सदस्य देशों के बीच मरुस्थल के मामले पर मतभेद तथा इसी प्रकार कुछ सीमा संबंधी एवं राजनैतिक विवादों के कारण इस संघ की स्थापना के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया जा सका। यही कारण है कि इस समय इस संघ की कोई विशेष सक्रियता नहीं है।
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29 बहमन सन 1356 हिजरी शम्सी को ईरान के पश्चिमोत्तरी नगर तबरेज़ की जनता ने 19 दैय 1356 हिजरी शम्सी को क़ुम नगर में शहीद होने वालों की याद में तबरेज़ की बड़ी मस्जिदों में जमावड़ा किया। शाह के सुरक्षाकर्मियों के कड़े व्यवहार के चलते यह प्रदर्शन ईरान में जनान्दोलन में परिवर्तित हो गया। शाह के पिटठू अधिकारी यह देख कर दंग रह गये और उन्होंने अपनी अक्षमता को छिपाने के लिए इस आंदोलन को विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप का परिणाम कहना आरंभ कर दिया। तबरेज़ की जनता का प्रदर्शन वास्तव में शाह के अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध जनता के कड़े रुख़ का आरंभ था जो बाद में ईरान की मुसलमान जनता के विभिन्न आंदोलनों का प्रेरणा स्रोत सिद्ध हुआ।
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